बारिश में बच्चों के लिए बनी सुरक्षा की छतरी, जेवी स्माइलीज फाउंडेशन ने बांटे रेनकोट

बारिश के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को लेकर संस्था की सराहनीय पहल

अद्यतन कालक्रम संवाददाता : रुक्मिणी पाठक 

गोह, औरंगाबाद : बारिश के मौसम में स्कूली बच्चों को होने वाली परेशानियों और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जेवी स्माइलीज फाउंडेशन की ओर से गोह प्रखंड के मध्य विद्यालय सरेया, मध्य विद्यालय मलहद एवं कुरमाइन गांव में स्कूली बच्चों के बीच रेनकोट का वितरण किया गया। रेनकोट पाकर बच्चों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली।

संस्था की इस पहल का उद्देश्य बारिश के दौरान बच्चों को विद्यालय आने-जाने में सुविधा प्रदान करना तथा उन्हें मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों से बचाना है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार एवं स्थानीय ग्रामीणों ने संस्था के इस सामाजिक प्रयास की सराहना की।

सरेया में विद्यालय परिवार का मिला सहयोग

मध्य विद्यालय सरेया में कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रधानाध्यापक जितेंद्र कुमार के साथ शिक्षक राजाराम कुमार, रूबी चौधरी, बिंदेश्वरी सिंह, अरविंद कुमार एवं नीतू कुमारी तथा अन्य शिक्षकगण का महत्वपूर्ण सहयोग रहा।

मलहद में शिक्षकों ने बढ़ाया सहयोग

मध्य विद्यालय मलहद में प्रधानाध्यापक सतीश पांडे के साथ शिक्षक साधना कुमारी, सत्यदेव ठाकुर एवं अन्य शिक्षकगण ने रेनकोट वितरण कार्यक्रम में सहयोग किया। विद्यालय परिवार ने बच्चों के हित में किए जा रहे इस प्रयास की सराहना की।

कुरमाइन में ग्रामीणों का मिला सहयोग

कुरमाइन गांव में रेनकोट वितरण कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीण अरुण शर्मा, भोला शर्मा, रणजीत कुमार एवं संतोष शर्मा का विशेष सहयोग रहा। ग्रामीणों ने बच्चों के बीच संस्था द्वारा किए गए इस सेवा कार्य की प्रशंसा की।

बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा के लिए जारी रहेगा सेवा कार्य

जेवी स्माइलीज फाउंडेशन के निदेशक डॉ. अमित कुमार ने कहा कि संस्था का उद्देश्य समाज के जरूरतमंद बच्चों तक हर संभव सहयोग पहुंचाना है। बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और उनके उज्ज्वल भविष्य को ध्यान में रखते हुए संस्था द्वारा आगे भी सामाजिक एवं जनसेवा के कार्य निरंतर जारी रखे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से जरूरतमंद बच्चों के चेहरे पर मुस्कान लाना ही संस्था की प्राथमिकता है। जेवी स्माइलीज फाउंडेशन की यह पहल शिक्षा के साथ सामाजिक जिम्मेदारी और सेवा भावना का एक सराहनीय उदाहरण बनी।

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