शस्त्र पूजन के माध्यम से धर्म, साहस, शक्ति और राष्ट्ररक्षा का दिया संदेश
अद्यतन कालक्रम न्यूज, गयाजी : संवादसूत्र
विजयादशमी के पावन अवसर पर हिन्दू युवा शक्ति संघ की ओर से प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी शस्त्र पूजन कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा एवं उत्साह के साथ किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सूर्यकुण्ड से हुई, जहां से संघ के सदस्य माँ मंगला मंदिर पहुंचे। मंदिर परिसर में विधि-विधान एवं धार्मिक परंपराओं के अनुसार शस्त्र पूजन किया गया।
बताते चलें कि हिन्दू युवा शक्ति संघ द्वारा आयोजित शस्त्र पूजन कार्यक्रम का उद्देश्य धार्मिक परंपराओं के संरक्षण, सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूकता तथा समाज में एकता और भाईचारे की भावना को मजबूत करना रहा। कार्यक्रम ने उपस्थित सदस्यों को अपनी संस्कृति और परंपराओं के प्रति समर्पण का संदेश दिया। कार्यक्रम के समापन पर विजयादशमी की शुभकामनाओं के साथ धर्म, संस्कृति, सामाजिक एकता और राष्ट्रहित के प्रति समर्पित रहने का संकल्प व्यक्त किया गया।
कार्यक्रम में विनय गुप्ता, गोल्डी गायब, छोटू बारीक, रामु गुप्त, मिथुन गुप्त, अभिषेक कत्रियार, विवेक भरद्वाज, ऋषि पाठक, पवन मिश्रा, शशांक मिश्रा, छोटू गुप्त, नंदू बारीक, मैक्स अवस्थी, करण गुप्ता, शिवम सिन्हा, रोहम सिंह, शुभम कुमार, रौशन कुमार, गोकुल दुबे, कुमार सानू, सागर दयाल, संदीप कत्रियार, राहुल सिंह, विशाल कुमार, रोहित एकघरा, हरिशंकर जी एवं निखिल निशांत जी सहित सैकड़ों की संख्या में संघ के सदस्य एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने विजयादशमी के पावन पर्व पर पूजा-अर्चना कर धर्म, संस्कृति और परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की।
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शस्त्र पूजन का धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्त्व
हिन्दू धर्म में विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, अन्याय पर न्याय और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक माना जाता है। इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा शक्ति, साहस, आत्मरक्षा और धर्म की रक्षा के संकल्प से जुड़ी हुई है। शस्त्र केवल शक्ति का प्रतीक नहीं, बल्कि उसके उचित, संयमित और जिम्मेदार उपयोग की याद भी दिलाते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, माँ दुर्गा ने महिषासुर का वध कर अधर्म का अंत किया था। वहीं, भगवान श्रीराम की रावण पर विजय को भी विजयादशमी के रूप में मनाया जाता है। इसी कारण यह पर्व लोगों को अन्याय के विरुद्ध खड़े होने, सदाचार अपनाने और समाज में शांति एवं सद्भाव बनाए रखने की प्रेरणा देता है।


